Month: April 2019

सुना है कि आप लड़ते बहुत हैं

  सुना है कि आप लड़ते बहुत हैं शायद बातचीत से डरते बहुत हैं मन्दिर-मस्जिद की आड़ लेकर मासूमों पर जुल्म करते बहुत हैं देशभक्त आपके अलावे और भी हैं ऐसा कहें तो आप बिगड़ते बहुत हैं रस्मों-रिवाज़ की नसें काट कर आप चन्दन रोज रगड़ते बहुत हैं जो कलंक […]

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क्यों न मृत्यु का भी उत्सव किया जाए

एक मात्र शाश्वत सत्य यही,शिव के त्रिनेत्र का रहस्य यही,चंडी का नैसर्गिक रौद्र नृत्य यही,कृष्णा सा श्यामला, राधा सा शस्य यही।तो क्यों न मीरा सा इसका भी विषपान किया जाए। ये अनादि है, ये अनंत है,ये गजानन का त्रिशूली दंत है,यही है गोचर, यही अगोचर,यही तीनों लोकों का महंत है।तो […]

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मुझे मेरी मौत का फरिश्ता चाहिए

हर रोज़ ही कोई नई खता चाहिए इस दिल  को दर्द का पता चाहिए कब तक होगा झूठा खैर मकदम मुझे अब बेरुख़ी का अता* चाहिए अच्छे लगते ही नहीं सूनी मंज़िलें काँटों  से  ही भरा  रास्ता चाहिए मेरा इश्क़ सबसे निभ नहीं पाएगा सो हमनबा भी कोई सस्ता चाहिए […]

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अफवाह

जीना मुश्किल,मरना आसान हो गया हर दूसरा घर कोई श्मशान हो गया माँ कहीं,बाप कहीं,बेटा कहीं,बेटी कहीं एक ही घर में सब अन्जान हो गया शहरों में नौकरियाँ खूब बिका करती हैं इस अफवाह में गाँव मेरा वीरान हो गया मन्दिर की घंटियाँ वो मस्जिद की अजानें दोगले सियासतदानों की […]

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